पिथौरागढ़। भारत में छह प्रकार की पैंसी तितलियां पाई जाती हैं। खास बात यह है कि पिथौरागढ़ जिले में भी इन सभी छह प्रकार की पैंसी तितलियों का संसार बसा है। यहां की आबोहवा और वातावरण अनुकूल होने से पैंसी तितलियों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है।
बटरफ्लाई काउंट सीजन-4 के दौरान विंग्स फाउंडेशन को पिथौरागढ़ में पैंसी तितलियों का संसार देखने को मिला है। जिले में तितलियों का प्राकृतिक आवास लगातार बढ़ रहा है जो तितलियों की प्रजातियों के लिए अनुकूल वातावरण पैदा कर रहा है।
पिथौरागढ़ जिले में पीकॉक पैंसी, ग्रे पैंसी, येलो पैंसी, चॉकलेट पैंसी, लेमन पैंसी, ब्लू पैंसी देखने को मिलती हैं जो निम्फलिड परिवार से हैं। विंग्स फाउंडेशन के निदेशक जगदीश भट्ट ने बताया कि पैंसी तितलियों का संसार बढ़ता जा रहा है। पैंसी होस्ट प्लांट में अंडे देती है। पैंसी का कैटरपिलर उन्हें खाता है। यहां वाटर विलो, वीजल स्नाऊट, मार्श बारबेल, कृष्णा निरगुण्डी, भांग, बलेरिया, सिलिऐटा, मिल्व बी होस्ट पौधे मिलते हैं। तितलियां घने जंगल, फूलों के मैदान, नदी किनारे, जंगली फूलों के पास देखी जा सकती हैं। पैंसी समुद्र तल से लेकर करीब 800 मीटर की ऊंचाई तक मिलती है। इनका आकार 40 से 70 सेमी तक होता है।
सबसे खूबसूरत होती है ब्लू पैंसी
पिथौरागढ़। जिले में पाई जाने वाली पैंसी तितलियों की दुनिया में ब्लू पैंसी सबसे खूबसूरत होती है। इसका रंग नीला होता है और यह बेहद आकर्षक होती है जबकि दक्षिण अफ्रीका में इसे आंख वाली पैंसी के नाम से जाना जाता है। पैंसी तितली में मादा अधिक गहरे रंग की होती है। नर पैंसी का रंग थोड़ा हल्का होता है। जगदीश ने बताया कि पैंसी के पंख में बना आंख का आकार उसे परभक्षी चिड़ियों से बचाता है। यह साल भर देखी जा सकती हैं। संवाद