लिपुलेख सड़क खुलने के बाद रविवार 12.30 से वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। फोटो: बीआरओ
धारचूला (पिथौरागढ़)। चट्टानें दरकने से बंद आदि कैलाश यात्रा मार्ग को बीआरओ ने 14 घंटे की मशक्कत के बाद यातायात के लिए खोल दिया। सड़क खुलने के बाद यात्री और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। दारमा सड़क अभी नहीं खुल पाई है। इस कारण स्थानीय ग्रामीण और पंचाचूली गए पर्यटक फंसे हुए हैं।
बीते शनिवार को सुबह करीब 11 बजे अचानक चट्टान दरकने से तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर तवाघाट पुल से 300 मीटर आगे बोल्डर और मलबा आ गया था। इस कारण यातायात ठप होने से 14 घंटे कैलाश आदि कैलाश यात्रा मार्ग बंद रहा। इसके चलते पूरी व्यास घाटी का संपर्क कटा रहा। सड़क बंद की सूचना मिलने पर बीआरओ के कर्नल प्रशांत सिंह, एसडीएम मंजीत सिंह और कोतवाल विजेंद्र शाह ने मौके पर पहुंचकर सड़क खुलवाने का काम किया।
बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रिफ के अधिकारियों ने यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए युद्ध स्तर पर कार्य कर 14 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार देर रात 2:30 बजे छोटे वाहनों के लिए सड़क खोल दी। सड़क खुलने के बाद 30 से अधिक यात्री अपनी बाइक और कार से देर रात ही धारचूला के लिए रवाना हो गए।
कर्नल प्रशांत सिंह ने बताया कि दो ड्रिलिंग मशीन, 4 पोकलेन और 60 मजदूरों की मदद से देर रात छोटे वाहन और रविवार दोपहर 12:30 बजे बड़े वाहनों के लिए भी मार्ग खोल दिया गया। आदि कैलाश यात्रा मार्ग खुलने के बाद लगभग 500 यात्री और स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही 100 से अधिक वाहन स्वामियों को राहत मिली।
दारमा सड़क नहीं खुली, फंसे हैं पर्यटक
दारमा घाटी के तवाघाट-सोबला-ढाकर मोटर मार्ग पर सोबला के पास चट्टान दरकने से शनिवार सुबह से बंद सड़क रविवार शाम तक यातायात के लिए नहीं खुल सकी। कई वाहन इस रूट पर फंसे हुए हैं। बीआरओ की 67 आरसीसी ग्रिफ के ओसी सौरव कुमार ने बताया कि मौके पर दो जेसीबी और 28 मजदूर सड़क खोलने के कार्य में लगे हैं। जल्द ही सड़क को खोल दिया जाएगा। एसडीएम मंजीत सिंह ने सभी टूर ऑपरेटरों और होम स्टे संचालकों से मौसम पूर्व अनुमान और सड़क की जानकारी के बाद ही यात्रियों की बुकिंग लेने की अपील की है।