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आशा वर्कर्स ने फूंका सीएम का पुतला

Tue, 21 Jun 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
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मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते आशा वर्कर - फोटो : अमर उजाला
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आशा वर्कर्स ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। कहा कि मुख्यमंत्री ने जिन पांच मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था उनमें अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। चेतावनी दी कि यदि आशाओं की मांग पूरी नहीं हुई तो एक बार फिर से प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
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इस दौरान हुई सभा में आशा वर्कर्स यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष पिंकी कलौनी ने कहा कि सरकार ने आशा वर्कर्स का मानदेय बढ़ाने, दिवाली का बोनस देने, राज्य मद से वेतन तय करने और सभी का स्थायीकरण करने का वादा किया था, लेकिन अब किसी भी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है। आशाओं ने एक्टू महामंत्री केके बोरा के हमलावरों की गिरफ्तारी करने की मांग भी की। इस दौरान इंद्रा देउपा, दीपा मनौला, कमला देवी, कमला पंचपाल, भागीरथी देवी, जीवंती शाह, कलावती देवी, पुष्पा बोरा मौजूद थीं।

आशा वर्करों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। आशा वर्करों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन भेजकर उनके सामने तमाम मांगें उठाई हैं। आशा वर्करों ने वर्ष 2011 से अब तक की प्रोत्साहन राशि का एरियर के रूप में भुगतान करने, दिवाली बोनस को आशाओं के खाते में डालने, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल की भांति राज्य मद से न्यूनतम वेतन देने, आशा वर्करों को स्थायी करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने, एक्टू महामंत्री केके बोरा के हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है। ज्ञापन में आशा वर्कर संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष उमा महरा, कमला बिष्ट, रीता कोठारी, भागीरथी बोरा, मुन्नी महरा, दीपा देवी, चंपा देवी, संतोष खाती, मंजू महरा, सुलोचना, गीता पंत के हस्ताक्षर हैं।
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