सीमांत मजदूर संगठन की बलुवाकोट इकाई के सम्मेलन में रविवार को भारी संख्या में मजदूर शामिल हुए। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में कार्यरत मजदूरों के इस संगठन ने अपने हक के लिए बड़ी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। स्थानीय स्तर पर संगठनों को खड़ा करने के बाद जल्दी ही प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा।
बीआरओ के मजदूरों की मांग है कि उनको हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की तरह मजदूरी दी जाए, हर मजदूर को कैंटीन की सुविधा मिले, वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश अनिवार्य रूप से प्रदान किए जाएं, हर मजदूर का बीमा कराया जाए, अपंग हो चुके मजदूरों को पेंशन की सुविधा दी जाए, जाड़े और गर्मी के अलग अलग वर्दी दी जाए, हर महीने की पांच तारीख को मजदूरी का भुगतान किया जाए। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए संगठन के संरक्षक जगत मर्तोलिया ने कहा कि अब बीआरओ में काम करने वाले मजदूर संगठित हो गए हैं। वह शोषण के खिलाफ आवाज उठाएंगे और मांगों को लेकर दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से भेंट करेंगे।
सीमांत मजदूर संगठन की बलुवाकोट इकाई के लिए कमान सिंह नेगी अध्यक्ष, राम सिंह बिष्ट उपाध्यक्ष, तेज सिंह चैंसर सचिव, दुर्गा सिंह उपसचिव, किशन ठगुन्ना कोषाध्यक्ष बनाए गए। इस मौके पर जयराज सिंह और पुष्कर सिंह ने भी विचार रखे। बीआरओ के मजदूरों ने अब तक पांच स्थानों पर इकाईयां बना ली हैं।