बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में गर्मी बढ़ते ही जल संकट विकराल होता जा रहा है। बेड़ीनाग में लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहीं महिलाओं का हौसला जवाब दे गया। उन्होंने पालिकाध्यक्ष के नेतृत्व में तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में धरना देते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो चक्का जाम करने के साथ ही विधायक, एसडीएम और जिम्मेदार अधिकारियों के आवासों का घेराव किया जाएगा।
पानी के लिए परेशान क्षेत्र की महिलाएं सोमवार को पालिका कार्यालय पहुंचीं। यहां से पालिकाध्यक्ष हेमा पंत के नेतृत्व में जल संस्थान और जल निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील तक जुलूस निकाला और फिर वहां धरना दिया। महिलाओं ने कहा कि लंबे समय से नगर में जलापूर्ति ठप है। लोगों को पानी का इंतजाम करने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। समस्या बताने के लिए फोन करने पर जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। बताया कि सप्ताह में एक दिन के लिए कुछ देर के लिए पानी आता है लेकिन जल संस्थान पूरे महीने का बिल भेज रहा है।
धरना देने वालों में हुकुम सिंह बोहरा, पूर्व पालिकाध्यक्ष हेम पंत, सभासद नीरू कार्की, भगवती प्रसाद, सुरेश राठौर, पूरन राम, सुनील पंत, प्रयाग डसीला, डीआर टम्टा, हुकुम सिंह बोहरा, दीपक कठायत, गुंजन पंत, प्रभा रावत, बीना वर्मा, दीपा पांडे, भावना पंत, अंजू बाफिला, जानकी रावत, दीपा रावत, कमला, हंसा, मीना, चंपा, देवकी आदि शामिल रहीं।
पीने के लिए नहीं वाहनों की धुलाई के लिए दिया जा रहा है पानी
महिलाओं ने जल संस्थान पर वाहनों की धुलाई के लिए पानी देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में वाहनों की धुलाई के लिए 12 से अधिक केंद्र संचालित हैं। जनता को पीने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से धुलाई केंद्रों में पानी की कोई कमी नहीं है। पेयजल कनेक्शन से वाहनों की धुलाई हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी चुप हैं।
कोट
पेयजल लाइन में खराबी आने से दिक्कत आई है। जल निगम की पेयजल योजना जल्द जल संस्थान को हस्तांतरित होनी है। इसके बाद पेयजल की समस्या खत्म हो जाएगी। वर्तमान में टैंकर से पानी बांटा जा रहा है। - महेश रौतेला, अवर अभियंता, जल संस्थान, बेड़ीनाग
सड़क सुधारने में टूट गई पेयजल लाइन, 16 गांव प्यासे
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। दशाईथल-खिरमांडे सड़क सुधारीकरण के दौरान पेयजल लाइन टूटने से बिलाड़ पट्टी के 16 गांवों में जलापूर्ति ठप है। इन गांवों की आठ हजार से अधिक की आबादी तीन किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी का इंतजाम कर काम चला रही है।
ग्रामीण मनोज सिंह बोहरा, दलजीत सिंह डोबाल, गणेश बोहरा, चंद्र सिंह बोहरा, चंचल बोहरा, कुंदन बोहरा, जगत बोहरा, सूरज सिंह बोहरा, भरत बोहरा, व्यापार संघ अध्यक्ष अक्षय कुमार कोहली आदि ने कहा कि सड़क सुधारीकरण के दौरान आए दिन पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। ऐसे में चिलचिलाती धूप में लोग दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि जल निगम ग्वासीकोटी पंपिंग योजना बना रहा है जिसके निर्माण में देरी हो रही है। यदि यह योजना जल्द धरातल पर उतर जाए तो बड़ी आबादी को जल संकट से मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने शीघ्र योजना का निर्माण पूरा करने की मांग की है। संवाद
लाइन टूटने से इन गांवों में है दिक्कत
खिरमांडे, नौखुना, रिठायत, बेटुली, मल्लाधुरा, मातोली, जमणलेख, नाकोट, खड़की, बज्युड़ा, पोथन, सेलोनी, डुबकियां, ननोली, पिल्खी और ग्वासीकोट गांव।
कोट
ग्वासीकोटी पंपिंग योजना में विद्युत संबंधी काम होना है इसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। जून में योजना से जलापूर्ति शुरू हो जाएगी। - आशुतोष उपाध्याय, ईई, जल निगम, गंगोलीहाट
फोटो-28 पीटीएच 08 पी-बिलाड़ पट्टी में प्राकृतिक जल स्रोत में खाली बर्तनों के साथ पानी के लिए अपनी बारी का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद