थल में धान की रोपाई लगाती महिलाएं। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
थल (पिथौरागढ़)। बरसात शुरू होते ही पांखू के बौंगाड़ गांव में महिलाओं ने सामूहिक सहभागिता से एक सौ नाली सेरे (खेत) में रोपाई लगाई। इस दौरान महिलाओं ने ‘ओ साली स्यार खेत मा पुत लगा दे’ सहित कई गीत भी गाए।
सुधीर कार्की, कुंदन कार्की, कमला कार्की, निशा कार्की, नीमा कार्की, बीना कार्की, अनीता कार्की ने बताया कि उन्होंने कश्मीरी और ऊसकर प्रजाति के धान की पौध रोपी है। ये परिवार हर साल अपने सेरे में धान की रोपाई कर रहे हैं। सुधीर ने बताया कि रोपाई से उत्पादन में वृद्धि के साथ पैदावार अच्छी रहती है।
महिलाओं का कहना है कि वह हर साल बड़े उत्साह से रोपाई करते हैं, लेकिन जब फसल तैयार होती है तो खड़ी फसल को बंदर, सुअर बरबाद कर देते हैं। इससे गांव के लोगों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। इस कारण गांव के लोगों का खेती की ओर रुझान कम होता जा रहा है। सरकार को बंदर, सुअर आदि वन्यजीवों को जंगल में रोकने के उपाय करने चाहिए।