थाने से करीब 500 मीटर दूर भटीगांव जाने वाले रास्ते में शराब की दुकान खुलने की भनक लगते ही सोमवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित महिलाओं ने शराब की दुकान में तोड़फोड़ की और थाने का घेराव कर दिया। महिलाओं का कहना है कि शराब का ठेकेदार और पुलिस ने मिलकर एक शांत इलाके में शराब की दुकान खोल दी है। इसका संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
हाइवे से शराब की दुकान हटने के बाद यहां का शराब ठेकेदार दुकान खोलने के लिए दर दर भटक रहा था। अब तक जितने स्थानों पर भी दुकान खोलने की कोशिश हुई, हर जगह से विरोध के स्वर फूट पड़े। आखिरकार भटीगांव जाने वाले रास्ते में वन विभाग की जमीन पर शराब की दुकान खोल दी गई है।
शराब दुकान खोले लाने से आक्रोशित महिलाओं ने पहले दुकान पर जाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने दुकान पर तोड़फोड़ की। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें समझाने का प्रयास किया। महिलाओं ने थाने पहुंचकर थाने का घेराव किया। इस दौरान थाना प्रभारी बलवंत कंबोज के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाया कि शराब के कारण इलाके में किसी प्रकार की अशांति नहीं होने दी जाएगी। पुलिस महिलाओं और बच्चों को पूरी सुरक्षा देगी और किसी प्रकार की अशांति होने पर पुलिस सख्त कदम उठाएगी।
पुलिस के समझाने पर महिलाओं के तेवर शांत हुए। अलबत्ता महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि शराब के कारण किसी प्रकार माहौल खराब हुआ तो फिर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रेखा देवी, विमला मेहरा, चंपा देवी, गीता देवी, कमला देवी, लीला देवी, पुष्पा देवी, सुनीता देवी, आशा देवी, गोविंद देवी, सोनू देवी, रेवती देवी, बसंती देवी समेत तमाम महिलाएं थी।
शराब की दुकानों को खुलवाने के लिए प्रशासन और पुलिस पर सरकार का भारी दबाव है। वह जैसे तैसे शराब की दुकानों को खोलने के लिए प्रयास में लगे हैं। बताया गया है कि जिले में अब अधिकांश शराब की दुकान खुल गई हैं। लोगों का गुस्सा भी धीरे धीरे शांत होने लगा है।