चंपावत। उत्तराखंड के पुनेठी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक ऐपण कला को स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनाया है। आंचल स्वयं सहायता समूह की सात महिलाएं प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
चार वर्ष पहले गठित इस समूह ने लोककला को आय का स्थायी स्रोत बनाया है। समूह की सभी सदस्य सक्रिय रूप से कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत उन्हें राज्यस्तरीय मंच मिला है। इससे महिलाएं विभिन्न स्थानों पर अपने ऐपण उत्पाद बेच रही हैं। उनके उत्पाद अब ऑनलाइन बाजार तक भी पहुंच गए हैं। समूह अध्यक्ष ज्योति ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने बताया कि ऐपण कला को रोजगार का माध्यम बनाकर वे हजारों की आय कर रही हैं।