चंपावत। विपरीत परिस्थितियों के आगे पहाड़ की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखी है। चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक के सीमांत गांव डिक्टी में नौ महिलाओं ने मिलकर आदर्श स्वयं सहायता समूह का गठन किया है। पशुपालन के जरिए स्वरोजगार अपनाकर इन महिलाओं ने न सिर्फ अपनी आजीविका को मजबूत किया है बल्कि वे आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
महिलाओं ने सरकारी योजनाओं का सहारा लेकर ग्रामोत्थान परियोजना के साथ ही केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से वित्त पोषित उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (आईएलएसपी) के संयुक्त प्रयासों से सीमांत गांव डिक्टी में परिवर्तन महिला संकुल संघ के अधीन आदर्श स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया। उन्हें लघु उद्यम स्थापना योजना के तहत गाय पालन व्यवसाय के लिए चुना।
इसके लिए उन्हें कुल तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, इसमें 75,000 रुपये अनुदान, 1,50,000 रुपये बैंक ऋण और 75,000 रुपये लाभार्थी अंशदान शामिल था। इस सहयोग से समूह ने तीन दुधारू गाय खरीदी और घर से ही दुग्ध उत्पादन शुरू किया। वर्तमान में वे प्रतिदिन आठ से 10 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं।
इसके साथ ही समूह खोया और पनीर बनाकर बाजार में बेचता हैं। समूह की महिलाएं हर माह सात हजार से अधिक की आय कर रही हैं। समूह की शांति देवी ने बताया कि सरकारी योजनाओं ने समूह को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया। आज योजनाओं का लाभ लेकर समूह की महिलाएं हजारों की आय अर्जित कर रही हैं।