अस्कोट में रसोईगैस सिलेंडर पाने के लिए इस तरह टूट पड़े लोग
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शुक्रवार को गैस सिलेंडर लेकर अस्कोट बाजार पहुंची इंडेन गैस की गाड़ी को महिलाओं ने घेर लिया। कुछ महिलाएं सिलेंडर पाने के लिए ट्रक पर ही चढ़ गईं। इस दौरान गैस वितरण करने वाले कर्मचारियों में उनकी तीखी बहस भी हुई। बताया गया कि इस बार भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। गाड़ी में यहां की जरूरत के हिसाब से कभी भी पूरे सिलेंडर नहीं लाए जाते। इस कारण पहले सिलेंडर पाने के लिए गाड़ी आते ही भारी अफरा-तफरी मच जाती है। इस बार भी कई दिनों बाद सिलेंडर लेकर वाहन पहुंचा। उसमें 230 सिलेंडर लदे थे, जबकि जरूरत कम से कम 500 सिलेंडरों की थी।
महिलाओं का आरोप था कि जितनी बार भी गैस सिलेंडर की गाड़ी अस्कोट पहुंचती है, उतनी बार लाइन में खड़े आम उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पाती है। अधिकांश उपभोक्ताओं को बिना गैस सिलेंडर के ही वापस जाना पड़ता है। केएमवीएन के गैस कर्मी महिमन सिंह ने बताया कि सिलेंडर की किल्लत के चलते गैस सिलेंडर की एक ही गाड़ी आई है। रविवार से नियमित दो गाड़ियां अस्कोट लाई जाएंगी।
उपभोक्ता दीपा देवी, मंजू देवी, निर्मला, देवकी देवी, गंगोत्री, मीना देवा का कहना था कि यदि अगली बार से गैस वितरण ठीक ढंग से नहीं किया गया तो एजेंसी के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। महिलाओं का कहना है कि जितने लोग रसोईगैस की बुकिंग करते हैं उन सभी को वाहन आते ही सिलेंडर मिल जाना चाहिए।