पिथौरागढ़। जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले के अनुसार मूल रूप से नेपाल के पनसेरा, बैतड़ी जिला निवासी दिनेश बहादुर पत्नी गोमती और बच्चों के साथ जीआईसी क्षेत्र में रहता था।
वह अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था। 16 अप्रैल 2019 को दिनेश बहादुर अपनी पत्नी को चंडाक से आगे चमाली जाने वाली सड़क पर ले गया और दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद कलवर्ट में उसका शव रखकर तिरपाल से ढक दिया।
बाद में दिनेश बहादुर ने पिथौरागढ़ कोतवाली में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई लेकिन जांच के बाद उसकी संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पिथौरागढ़ थाना में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। यह मामला न्यायालय में चला।
दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाह पेश किए गए। सरकार की ओर से मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पंत ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने दोष सिद्ध करते हुए अभियुक्त दिनेश बहादुर को आजीवन कारावास की सजा और 50 हजार का जुर्माना लगाया।
इन धाराओं में मिली सजा
आईपीसी की धारा 302 के अपराध के लिए आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा। अर्थदंड नहीं देने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 201 के अपराध के लिए सात वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 404 के अपराध के लिए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषसिद्ध को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।