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पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास

Fri, 18 May 2018 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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जिला एवं न्यायाधीश का फैसला - फोटो : अमर उजाला
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पत्नी को मिट्टी का तेल डालकर जलाने वाले हत्यारोपी पति को जिला एवं न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मां के हत्यारे पिता को सजा दिलाने में दो पुत्रों की गवाही अहम रही है। हत्यारे पति ने महालक्ष्मी पूजा की तैयारी में जुटी पत्नी को जला दिया था।

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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार डीडीहाट में ठेला लगाकर समोसे, पकौड़ी बेचने वाले आनंद कुमार निवासी मछरिया थाना कटघर जिला मुरादाबाद यूपी का विवाह करीब 16 साल पहले डीडीहाट के जीआईसी वार्ड निवासी पुष्कर राम की पुत्री मीना के साथ हुआ था। उसके दो बेटे हैं। 30 अक्तूबर 2016 की शाम करीब 6 बजे मीना देवी लक्ष्मी पूजा की तैयारी कर रही थी, दोनों बच्चे साथ में थे। आरोप है कि शराब पीकर घर आए आनंद कुमार ने मीना देवी के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आनंद कुमार ने पत्नी के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।

दोनों बच्चे भागकर अपने नाना के घर गए और घटना की जानकारी दी। मीना के मायके के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गंभीर रूप से जली विवाहिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मीना देवी के भाई संजय कुमार ने आनंद कुमार के खिलाफ उसी दिन रात करीब साढ़े आठ बजे डीडीहाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरे दिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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मीना देवी की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान 8 नवंबर 2016 को उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आईपीसी की धारा 302, 498, 323 में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने मीना देवी के भाई संजय कुमार, बेटे आकाश कुमार (13), नितिन कुमार (11), डॉक्टर दीपक कुमार, डॉक्टर देवेंद्र सिंह महर, एसआई निधि शर्मा, डॉक्टर अतुल सक्सेना, एसआई पान सिंह, डॉक्टर दीपक कृपाल, तहसीलदार पूरन चंद्र पंत, प्रभारी निरीक्षक गणेश सिंह सामंत को बतौर गवाह न्यायालय में पेश किया।

शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने आरोप सही पाते हुए आरोपी को आईपीसी की धारा 302 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। धारा 323 में 6 माह के कारावास की सजा सुनायी है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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