जिला एवं सत्र न्यायालय ने पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। आरोपी को आर्म्स एक्ट में भी सजा हुई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन के अनुसार मूल रूप से पिथौरागढ़ तहसील के बड़ावे गांव निवासी खड़क सिंह मेहता यहां पुलिस लाइन में फालोअर के पद पर कार्यरत था। उसका परिवार ऐंचोली के पास शिव कालोनी में किराए के मकान में रहता था। 23 अगस्त 2014 की शाम करीब 7:30 बजे खड़क सिंह ने घर पर रखी अपनी लाइसेंसी बंदूक से अपनी पत्नी हेमा की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के समय आरोपी के दो बटे उम्मेद और मुकेश घर पर ही थे। दोनों बच्चों ने तत्काल पास ही रहने वाले अपने नाना प्रह्लाद सिंह को घटना की जानकारी दी। घटना की रिपोर्ट प्रह्लाद सिंह ने ही कोतवाली में दर्ज कराई थी।
खड़क सिंह के खिलाफ धारा 302, 27 आर्म्स एक्ट और 30 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। अभियोजन पक्ष ने मामले में नौ गवाह पेश किए। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने खड़क सिंह को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुना दी। जबकि 27 आर्म्स एक्ट में चार साल की सजा तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड और 30 आर्म्स एक्ट में तीन माह की सजा और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुना दी। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार खड़क सिंह के किसी दूसरी महिला से संबंध थे। इसी कारण वह पत्नी को रास्ते से हटाना चाहता था।