तहसील मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर तिब्बत बार्डर के नजदीक स्थित रालम गांव और लिंगुरानी के बीच चट्टानों पर कई जगह पेंट से विभिन्न प्रकार के शब्द लिखे गए हैं। लोगों की समझ में हिंदी और अंग्रेजी में एक चट्टान पर लिखा सिर्फ एक ही शब्द समझ में आ पाया है। इसमें मो. नासिर इजाजुल लिखा गया है। अन्य शब्दों को लोग समझ नहीं पाए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में करीब दस स्थानों पर चट्टानों में यह शब्द लिखे हुए मिले हैं। इतनी दूर चट्टानों में इस तरह के शब्द लिखने का मकसद लोगों की समझ में नहीं आ रहा है।
एक माह पहले रालम क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया था, लेकिन प्रशासन अब तक उसको पकड़ नहीं पाया है। पिछले वर्ष भी इलाके में एक व्यक्ति साधु के वेश में मिला था। रालम की समुद्र सतह से ऊंचाई करीब 3800 मीटर है। इस इलाके में प्रवेश करने से पहले लोगों को आईटीबीपी की कई चौकियों में चेकिंग से गुजरना पड़ता है। फिर कैसे लोग इतनी दूर पहुंच रहे हैं यह सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
रालम निवासी हरीश दरियाल ने बताया कि लिंगुरानी से रालम के बीच कई जगह पेंट से लिखे गए इन शब्दों के बारे में जानकारी तहसील प्रशासन को दे दी है। एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि खुफिया विभाग की एक टीम को मौके पर भेज दिया है। साथ ही आईटीबीपी के अधिकारियों से सीमांत क्षेत्र में आने वाले संदिग्धों पर नजर रखने को कहा है।