घोड़े से बुई गांव में राशन पहुंचाकर गांव लौट रहा एक ग्रामीण लीलम के पास पैर फिलसने से गोरी में बह गया। घटना बृहस्पतिवार अपरान्ह 3 बजे की है। तब से गांव के लोग लगातार खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने खोजबीन के लिए तीन टीमों का गठन किया है।
तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार धापा निवासी कुंदन सिंह ढोकटी (56) पुत्र उमेद सिंह घोड़े से सामान पहुंचाने का काम करते हैं। बृहस्पतिवार को वह राशन पहुंचाने के लिए बुई गांव गए थे। राशन पहुंचाकर वह लौट रहे थे तो लीलम के पास फिसलकर गोरी में गिर गए। पीछे से आ रहे लोगों ने उनको नदी में गिरते देख लिया और घटना के तुरंत बाद ही खोजबीन का काम शुरू कर दिया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
तहसीलदार जीत राम और राजस्व निरीक्षक कमल उपाध्याय ने घटनास्थल का दौरा किया। धापा के पूर्व प्रधान मुन्ना सिंह ने बताया कि उन्होंने कुंदन सिंह को नदी में गिरते देख लिया था। तहसीलदार के अनुसार खोजबीन के लिए तीन टीमों का गठन कर खोजबीन के लिए लगा दिया है। प्रशासन ने आईटीबीपी की लीलम पोस्ट में तैनात जवानों से भी मदद मांगी है।