आपदा से प्रभावित गोरीगंगा घाटी के गांवों को बचाने के लिए तटबंध निर्माण का काम चल रहा है। तटबंधों को बनाने के लिए सिंचाई विभाग के ठेकेदारों ने गोरी का रुख बदल दिया है। जेसीबी लगाकर गोरी को घरुड़ी और मनकोट गांवों की तरफ मोड़ दी है। इससे इन दोनों गांवों के 50 परिवारों की रात की नींद हराम हो गई है। बताया गया है कि सिंचाई विभाग ने आपदा प्रभावित लुम्ती, मोरी और छोरीबगड़ गांवों के किनारे तटबंध निर्माण का काम किया जा रहा है। तटबंध बनाने के लिए नदी के तट पर जगह निकालने के लिए जेसीबी लगाकर नदी का रुख मोड़ा गया है।
नदी का रुख पलट जाने से लोग भारी दहशत में हैं। गांव के कै. प्रताप सिंह बिष्ट, गंभीर सिंह सामंत, सीता सामंत आदि ने बंगापानी के तहसीलदार को इसकी जानकारी दी है। तहसीलदार आईबी मल्ल ने कहा है कि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पीके दीक्षित को इसकी जानकारी दे दी गई है।
भाजपा नेता जगत सिंह मर्तोलिया ने प्रभारी जिलाधिकारी विनोद गिरी को इस मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि कुछ गांवों को बचाने के लिए दूसरे गांवों को खतरे में डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा है कि मनकोट और घरुड़ी गांव पहले से ही आपदा प्रभावित हैं। अब उनको लिए गोरी का खतरा बढ़ गया है। प्रभारी डीएम ने कि सिंचाई विभाग से तत्काल इस मामले का समाधान निकालने को कहा है। ताकि लोगों के लिए कोई खतरा न हो।