पिथौरागढ़। सीमांत जिले में सिस्टम दस दिन बाद आखिरकार जाग गया। मुनस्यारी विकासखंड के जीआईसी खतेड़ा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को प्रधानाचार्य का प्रभार सौंपने के दस दिन बाद विभाग में खलबली मची। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने लिखित आदेश जारी कर इस विद्यालय का प्रभार खुद अपने हाथों में ले लिया है।
मामला तब शुरू हुआ जब बीते 10 सितंबर को प्रवक्ता छोटे सिंह ने आंदोलन में शामिल होते हुए प्रभारी प्रधानाचार्य का पद त्याग दिया। विद्यालय में कोई स्थायी शिक्षक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। तब चौकीदार राजू गिरी को ही प्रिंसिपल का प्रभार दे दिया गया। संवाद न्यूज एजेंसी ने 17 सितंबर को इस मामले काे उजागर किया था।
खबर वायरल होते ही विभाग की किरकिरी जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक हुई। दबाव बढ़ा तो मुख्य शिक्षा अधिकारी हरक राम कोहली के आदेश पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से प्रभार वापस लिया गया। 20 सितंबर को खंड शिक्षा अधिकारी दिगंबर आर्या ने प्रधानाचार्य का दायित्व अपने पास ले लिया है।
नियमों की आड़ में व्यवस्था का मखाैल
पूरे प्रदेश में यह पहला मामला प्रकाश में आया जब लिखित ताैर पर किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को प्रभारी प्रधानाचार्य बना दिया गया हो। जीआईसी खतेड़ा में प्रवक्ताओं के अलावा कोई स्थायी सरकारी कर्मचारी नहीं था। नियमों के अनुसार किसी अस्थायी कर्मी या अतिथि प्रवक्ता को सर्वेसर्वा नहीं बनाया जा सकता। तब यहां तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजू गिरी को प्रभारी प्रधानाचार्य का दायित्व दे दिया गया।
कोट
जीआईसी खतेड़ा में प्रभारी प्रधानाचार्य के पद त्यागा है। छात्रहित को देखते हुए इस विद्यालय के प्रधानाचार्य का प्रभार खंड शिक्षा अधिकारी के पास रहेगा। - हरक राम कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़