नामिक में जेसीबी पहुंचने पर खुशी जताते ग्रामीण। स्रोत: प्रधान
नाचनी (पिथौरागढ़)। तेजम तहसील के रामगंगा घाटी के अंतिम गांव नामिक के लोग वर्षों से सड़क की बाट जोह रहे हैं। अब प्रधान के प्रयासों से नामिक से होकरा के लिए सड़क बनने लगी है। इससे ग्रामीण खुश हैं।
प्रधान नामिक तुलसी जैम्याल ने बताया कि वर्ष 2017 में नामिक के लिए होकरा ग्राम से 17 किमी सड़क पीएमजीएसवाई के अंतर्गत स्वीकृत की गई। इसकी घोषणा तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने नामिक पहुंच कर की थी। होकरा के ग्रामीणों के विरोध के चलते एक वर्ष बाद भी सड़क निर्माण शुरू हुआ लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। तीन ठेकेदार सड़क काटने में असमर्थ रहे। 2020 में ठेकेदार दलीप सिंह अधिकारी को सड़क कटिंग का कार्य दिया गया। होकरा से आगे नौ किमी सड़क काटी गई। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए प्रधान ने ठेकेदार से शीघ्र सड़क काटने का अनुरोध किया। अब ठेकेदार अधिकारी ने प्रधान के अनुरोध पर बागेश्वर के गोगिना से नामिक होते हुए सड़क निर्माण के लिए जेसीबी भेजी है। अब नामिक से होकरा की ओर सड़क निर्माण शुरू हो गया है।
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ग्रामीणों ने की जेसीबी की पूजा
पिथौरागढ़। नामिक गांव में जेसीबी पहुंचने पर ग्रामीण उत्साहित हो गए। उन्होंने मशीन की पूजा की और जेसीबी आपरेटर अशोक मेहता, राजू चंद, प्रेम सिंह धामी, महेश जोशी का माला पहनाकर स्वागत किया। प्रधान तुलसी जैम्याल और ग्रामीणों ने ठेकेदार दलीप सिंह अधिकारी का आभार जताया जिन्होंने अपने खर्चे पर जेसीबी नामिक पहुंचाई। संवाद