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चिकित्सा कर्मी गैरहाजिर मिले तो खैर नहीं

Wed, 08 Mar 2017 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने कहा कि किसी भी अस्पताल, स्वास्थ्य उपकेंद्र, एएनएम सेंटर से यदि कोई कर्मचारी या डॉक्टर गैरहाजिर मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को मुफ्त दवा दी जाए।
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उन्होंने कहा कि अक्सर यह शिकायत मिलती है कि डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी ड्यूटी से गायब रहते हैं। यह आम जनता के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों से कहा कि अस्पतालों का निरीक्षण करें। इससे व्यवस्था में सुधार लाने में आसानी होगी। गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर जांच किए जाने के भी निर्देश दिए।

यह भी कहा गया कि एलोपैथिक, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक अस्पताल, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए सरकारी भवनों के निर्माण का प्रस्ताव बनाया जाए और क्षेत्र के एसडीएम की मदद से भूमि का चयन किया जाए। जितने भवनों का निर्माण पूरा हो गया है उनका जल्दी से हस्तांतरण कर लिया जाए। हस्तांतरण के समय यह देख लिया जाए कि गुणवत्ता में कोई कमी तो नहीं है।
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कई अस्पतालों के पास भवन नहीं
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. यूएस अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 156 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में से 78 उपकेंद्र सरकारी भवन में और 78 किराए के भवन में संचालित हैं। इसी प्रकार 32 एलोपैथिक अस्पतालों में से 3 सरकारी भवन में तथा 29 किराए के भवन में चल रहे हैं। 57 आयुर्वेदिक अस्पतालों में से 20 सरकारी भवन में शेष 37 किराए के भवन में संचालित हैं। इसी प्रकार 7 होम्योपैथिक अस्पतालों में से 4 सरकारी और 3 किराए के भवन में संचालित हैं।
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