पिथौरागढ़। आदि कैलाश और मानसरोवर यात्रा मार्ग धारचूला हाईवे पर यात्रियों का सफर आरामदायक बनाने के दावे हवाई साबित हुए हैं। कुछ महीने पूर्व किया गया डामर उखड़ने से फिर से हाईवे गड्ढों में तब्दील हो गया है। ऐसे में यात्री और पर्यटक गड्ढों से पटी सड़क पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
दरअसल, आदि कैलाश और मानसरोवर यात्रा के लिए प्रमुख धारचूला हाईवे पर पलेटा से गुडौली तक कुछ महीने पूर्व डामरीकरण किया गया था। करोड़ों से किए गए डामर की गुणवत्ता ठीक न होने से यह कई जगहों पर उखड़ गया है और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने पर्यटन के साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हाईवे की पड़ताल की।
पलेटा के पास डामर उखड़ने से बने गड्ढे और सड़क पर बिखरी रोढ़ी यात्रियों और पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सतगढ़ में भी डामर उखड़ने से गड्ढे बन गए हैं। हैरानी की बात है कि कुछ दिन पूर्व गड्ढों को भरने के लिए पैचवर्क किया गया। इसमें भी औपचारिकता निभा दी गई है। कुछ गड्ढे तो भरे गए लेकिन अधिकांश गड्ढों को छोड़ दिया गया इनसे हर कोई परेशान है।
सड़क से गुजरते हैं अधिकारी, नहीं पड़ती गड्ढों पर नजर
धारचूला हाईवे जिले का प्रमुख मार्ग है। इस हाईवे पर रोजाना कई अधिकारी गुजरते हैं। हैरानी है कि जिम्मेदार अधिकारियों की नजर हाईवे पर बने गड्ढों पर नहीं पड़ रही है। हाईवे पर डामर उखड़ने से बने गड्ढे और बिखरी रोड़ी दुर्घटना का कारण बन रही है। वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक बाइक लेकर आदि कैलाश यात्रा के लिए आ रहे हैं। सड़क पर बिखरी रोढ़ी में बाइक रपट रहीं हैं। बीते दिनों पलेटा शिव मंदिर के पास एक बाइक गड्ढे और रोढ़ी में रपटकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस घटना में गंभीर रूप से घायल बाइक चालक को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
कोट
मामला मेरे संज्ञान में है। बीआरओ को गड्ढों में दोबारा डामर करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। बीआरओ को गड्ढों को हर हाल में भरना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो कार्रवाई होगी। - आशीष कुमार भटगाईं, डीएम, पिथौरागढ़