जिले में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी हल्की और मध्यम स्तर की बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में जिला मुख्यालय में 13.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। बारिश से यहां के तापमान में गिरावट का क्रम हो रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया जो मंगलवार की तुलना में एक डिग्री सेल्सियस कम है। बारिश से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है और लोगों की आवाजाही बाजारों में कम रही। इस बीच मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि बृहस्पतिवार से मौसम में थोड़ा सुधार आ जाएगा और बारिश की रफ्तार कम हो जाएगी, लेकिन अगले दो-तीन दिन में फिर से बारिश का क्रम शुरू हो जाएगा।
मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार जुलाई में भी अच्छी बारिश की उम्मीद है। सभी इलाकों में मध्यम और तेज बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग के निदेशक डा. आनंद शर्मा ने बताया कि ताजा सिस्टम का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। बृहस्पतिवार से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। इस बीच मुनस्यारी के मल्लाजोहार क्षेत्र में भारी बारिश जारी है। निचले इलाकों में मध्यम बारिश का क्रम बुधवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया और सूख चुके स्रोतों में जान आ गई है। कृषि वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि धान की फसल के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद है।
लास्पागाड़ी का पैदल पुल खतरे में
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। बारिश से मिलम जाने वाले रास्ते में रिलकोट से लास्पागाड़ी के बीच 50 मीटर रास्ता बह गया है। मिलम जाने वाले और मिलम से लौटने वाले लोग इस स्थान पर जानजोखिम में डालकर आ रहे हैं। रास्ते के ठीक नीचे गोरी बहती है। मिलम रूट में ही मापांग से नहरदेवी के बीच रास्ता बह गया है। लास्पागाड़ी के पैदल पुल का एक हिस्सा टूट गया है। यह आवागमन के लायक नहीं है। मिलन से लौटे ठेकेदार विनोद सिंह पांगती और बाला सिंह ने बताया कि पूरे रास्ते में लोनिवि के मजदूर नहीं दिखे।
ट्राली के सहारे जिंदगी की डोर
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। बुर्फू से टोला गांव जाने के लिए इस समय ट्राली का ही सहारा है। यह ट्राली लोनिवि ने लगाई है। बुर्फू से टोला के बीच झूलापुल 2013 की आपदा के समय बह गया था। तब से लोग नदी को पार करने के लिए इसी ट्राली का उपयोग कर रहे हैं। ट्राली को खींचने के लिए दोनों ओर से लोग तैनात रहते हैं। ठेकेदार विनोद सिंह पांगती और बाला सिंह ने बताया कि बुर्फू से टोला आने के लिए उन्होंने भी इसी ट्राली का सहारा लिया था।
थल-मुनस्यारी रोड पर हरड़िया नाले का खतरा बरकरार
नाचनी (पिथौरागढ़)। थल मुनस्यारी मार्ग पर हरड़िया नाले ने बुधवार को आवागमन में बाधा पहुंचाई। हरड़िया गधेरे से लगातार हो रहे भूकटाव के कारण यह सड़क जर्जर हालत में पहुंच गई है। रामगंगा लगातार सड़क के अंदरूनी हिस्से को काट रही है। हरड़िया नाले के पास दलदल बन गया है। वाहनों को मलबा साफ होने तक कम से कम दो घंटे की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। बारिश के समय लगातार मलबा गिर रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि हरड़िया नाला बेहद संवेदनशील हो गया है। पहाड़ी से हर वक्त गिर रहा मलबा मुसीबत खड़ी कर रहा है। उन्होंने बताया कि हरड़िया में एक जेसीबी और एक बुलडोजर हर समय तैनात है। साथ ही मजदूरों को भी तैनात किया गया है।