पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में नई सड़क के निर्माण के लिए एक हजार से अधिक पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए पुनेड़ी और ल्युंठूड़ा के लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए पेड़ों को काटने वालों और इसकी अनुमति देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। कहा कि उनके पूर्वजों ने इन पेड़ों को बच्चों की तरह पालकर जंगल विकसित किया है। उन्होंने कहा कि जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, इसके लिए उन्होंने अपने वन पंचायत की जमीन बेस अस्पताल को दी थी, जंगल बर्बाद करने के लिए नहीं।
दरअसल पुनेड़ी और ल्युंठूड़ा वन पंचायत की भूमि पर बेस अस्पताल तक नई सड़क प्रस्तावित है। सड़क निर्माण की जद में आने वाले पेड़ों को इन दिनों काटा जा रहा है। पेड़ काटने की जानकारी मिलते ही ल्युंठूड़ा और पुनेड़ी के लोग पूर्व दायित्वधारी महेंद्र लुंठी के नेतृत्व में बुधवार को मौके पर पहुंचे और शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है लेकिन हमारे पूर्वजों की मेहनत से विकसित किए गए जंगल में बेतरतीब तरीके से हरे पेड़ों पर आरी चला दी गई है।
महेंद्र लुंठी ने आरोप लगाया कि जंगल में एक हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए हैं। बताया कि क्षेत्र के पशुपालक और अन्य लोग चारे और सूखी लकड़ी के लिए इसी जंगल पर निर्भर हैं। वन पंचायत में पेड़ों को काटने के लिए वन सरपंच की अनापत्ति भी नहीं ली गई है। हमारे जंगल का अवैध तरीके से कटान किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर कई संगठन और प्रशासन पौधरोपण की बात करता है लेकिन नगर के नजदीक हमारे जंगल को बर्बाद किया जा रहा है।
लोगों ने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों को काटने और इसकी अनुमति देने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरेंगे। प्रदर्शन करने वालों में सरपंच केदार लुंठी, पार्षद राहुल लुंठी, दीपक लुंठी, विजेंद्र पुनेड़ा, नरेंद्र लुंठी, होशियार सिंह, कमल रावत सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कोट
बेस अस्पताल के पास पेड़ काटने की अनुमति ली गई है। वन निगम को छपान कर काटे जाने वाले पेड़ों की संख्या बताई गई है। नियमों के मुताबिक ही पेड़ों का कटान किया जा रहा है। - आशुतोष सिंह, डीएफओ, पिथौरागढ़
कोट
187 पेड़ों को काटने की अनुमति मिली है। इससे अधिक पेड़ काटने का सवाल ही नहीं उठता। लोगों का आरोप निराधार है। वन विभाग से पेड़ काटने का आदेश मिला है। - राकेश कुमार, प्रभारी लौगिंग अधिकारी, वन निगम, पिथौरागढ़