जिले में शुक्रवार रात हुई बारिश के कारण कई मार्ग यातायात के लिए फिर बंद हो गए हैं। थल-मुनस्यारी मोटरमार्ग पर हरड़िया एवं रातापानी के पास मलबा आने से यातायात पूरे 12 घंटे ठप रहा। इस मार्ग पर शुक्रवार रात नौ बजे मलबा गिर गया था। लोनिवि ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह नौ बजे मलबा हटाया।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार तवाघाट-सोबला मार्ग बंद है। पिथौरागढ़-थल मार्ग सुरौली के पास मलबा आने से बंद हो गया है। कंज्योति नारायण आश्रम मार्ग कुछ स्थानों पर बेहतर खतरनाक हालत पर है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के मुताबिक सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। शुक्रवार रात मध्यम स्तर की बारिश होने से नुकसान की सूचना नहीं है। शनिवार को बारिश बंद हो गई। पूरे दिन आसमान बादलों से घिरा रहा। इस बीच जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार को जिले के सभी शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़- 33 एमएम
गंगोलीहाट- 29 एमएम
बेड़ीनाग- 31.8 एमएम
डीडीहाट- 22 एमएम
मुनस्यारी- 26 एमएम
धारचूला- 14 एमएम
जिले की सभी नदियां खतरे के करीब
लगातार हो रही बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को झूलाघाट में महाकाली का जल स्तर 889 मीटर आंका गया, जबकि महाकाली का खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा है। जौलजीबी में गोरी का जल स्तर 605.45 मीटर आंका गया। गोरी में खतरे का निशान 607.8 मीटर पर लगा है। रामेश्वर में सरयू का जल स्तर 447.2 मीटर रहा। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर में लगा है।