नाचनी(पिथौरागढ़)। तीन करोड़ की पेयजल योजना के बाद भी नाचनी मुख्य बाजार सहित आसपास के गांवों की 800 की आबादी पानी के लिए तरस रही है। बीते कई महीने से योजना से जलापूर्ति ठप है और लोग प्यास बुझाने के लिए नदी की दौड़ लगा रहे हैं।
दो साल पहले नाचनी मुख्य बाजार सहित धामी, फल्याटीं गांव की आबादी की प्यास बुझाने के लिए पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। बीते चार महीने से योजना से जलापूर्ति ठप है और क्षेत्र के लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सालय, विद्यालयों, थाना सहित मुख्य बाजार में जलापूर्ति ठप रहने से कर्मियों और व्यापारियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोग हैंडपंप और भुजगड़ नदी की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। जल संस्थान के ईई संदीप चतुर्वेदी ने कहा कि योजना प्राकृतिक जल स्रोत से संचालित है। जल स्रोत का जलस्तर घटने से दिक्कत आई है।