पिथौरागढ़। पहले ही पेयजल संकट से जूझ रहे नगर के लोगों की मुश्किल बढ़ गई। पंप हाउस में कार्य के चलते आधे नगर में जलापूर्ति ठप रहने से 40 हजार से अधिक की आबादी परेशान रही। नलों में पानी की बूंद नहीं टपकी और लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों की दौड़ लगानी पड़ी।
नगर में आंवलाघाट, घाट सहित अन्य योजनाओं से बीते कई महीनों से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में नगर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसी बीच हनुमान मंदिर पंप हाउस में गेट वाल बदलने से कृष्णापुरी, भाटकोट, बिण, कासनी, जाखनी, दौला सहित अन्य हिस्सों में पूरे दिन जलापूर्ति ठप रही इससे 40 हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग सुबह के समय पानी का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। मजबूरन लोगों ने प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी की। हालांकि जल संस्थान ने देर शाम तक गेट वाल बदलने का काम पूरा कर लिया। जल संस्थान के ईई सुरेश जोशी ने कहा कि बृहस्पतिवार यानि आज से व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
उपभोक्ताओं को करनी होगी लीकेज लाइन ठीक
नगर के विभिन्न हिस्सों में लीकेज लाइनों से रोजाना हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। लाइनों से लीक होकर लगभग सभी हिस्सों में पानी नालियों में बह रहा है। अब जल संस्थान पानी की बर्बादी रोकने के लिए गंभीर हुआ है। जल संस्थान के ईई सुरेश जोशी ने कहा कि उपभोक्ताओं की निजी पेयजल लाइनें लीकेज हैं इनसे पानी की बर्बादी हो रही है। उपभोक्ताओं को अपनी लीकेज लाइनें ठीक करनी होंगी। इसकी अपील की गई है। इसके बाद भी लीकेज लाइनों को ठीक नहीं किया गया तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।