चंपावत। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोत सूखने से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पानी का इंतजाम करने में ही लोगों का अधिकतर समय बीत रहा है।
ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी जुटाने के लिए मीलों की दौड़ लगानी पड़ रही है। रैंसाल, मंच, डुंगरा बोहरा और डन गांव परेशानी ज्यादा है। जल संस्थान हर रोज आठ से 10 टैंकरों की मदद से इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कर रहा है। आने वाले कुछ दिनों में बारिश नहीं होती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में नहाने के लिए ग्रामीणों को सोचना पड़ेगा। हालांकि इस बार नगर क्षेत्र में पानी की किल्लत नहीं है।
जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है। इधर पेयजल निगम भी ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए योजना बना रहा है। विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों से पानी आपूर्ति के लिए करीब 50 लाख का प्रस्ताव भेजा है। जल निगम के ईई बीके पाल ने बताया कि शासन स्तर से हरी झंडी मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
कलक्ट्रेट में बर्बाद हो रहा है पानी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के विभिन्न हिस्सों में लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। वहीं कलक्ट्रेट में दिन के समय बंद रहने वालेे झरने से लंबे समय से पानी बर्बाद हो रहा है। लोगों का कहना है कि एक ओर प्रशासन जल संरक्षण की बात करता है और दूसरी ओर इस तरह से पानी की बर्बादी हो रही है। उन्होंने पानी की बर्बादी को रोकने की मांग की है। संवाद
फोटो विवरण-06पीटीएच26पी- पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में झरने के पास इस तरह बर्बाद हो रहा है पानी। संवाद
पेयजल समस्या से कर्मचारी और शिक्षक परेशान
पिथौरागढ़। कर्मचारी नेता बिजेंद्र लुंठी ने कहा कि पिथौरागढ़ जनपद में कार्यरत अधिकांश कर्मचारी और शिक्षकों का परिवार जिला मुख्यालय में ही रहता है। बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्ग भी जल संस्थान के उपभोक्ता हैं, जो नियमित रूप से पेयजल का भुगतान करते हैं लेकिन जल संस्थान पेयजल आपूर्ति करने में नाकाम हो रहा है। उन्होंने बताया कि कई घरों में हफ्तों से पानी नहीं आया है। सप्ताह भर शासकीय कार्य करने वाले कर्मचारी वर्ग को रविवार के दिन भी पेयजल ना मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। संवाद
छह माह से बिछाई लाइन में पानी न आने से आक्रोश
टनकपुर (चंपावत)। बिचई क्षेत्र में करीब सौ परिवार पानी के लिए अपने निजी प्रबंध पर निर्भर हैं। भीषण गर्मी के बीच भूमिगत जल स्तर गिरने से कई हैंडपप सूख गए हैं। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन की छह माह पहले बिछाई गई पेयजल लाइन से जल्द पानी देने की मांग की है। बीडीसी सदस्य अशोक पाल ने बताया कि करीब छह माह पहले गांव में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल लाइन तो बिछाई गई लेकिन अभी तक उसमें पानी नहीं आया है। उन्होंने जल्द लाइन में पानी न आने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संवाद
जल जीवन मिशन के कार्यों की होगी उच्च स्तरीय जांच : टम्टा
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट के विधायक फकीर राम टम्टा ने कहा है कि अधिकारियों की लापरवाही से जल जीवन मिशन योजना में करोड़ों रुपये की योजनाएं पूरी नहीं हुई हैं। इस कारण क्षेत्र में पेयजल का हाहाकार मचा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
विधायक टम्टा ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले को विधानसभा में भी उठायेंगे। विधायक ने यहां जारी बयान में कहा है कि क्षेत्र में बढ़ती पेयजल किल्लत को देखते हुए जल जीवन मिशन के तहत छोटी-बड़ी पेयजल योजनाएं बन रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से ग्वासीकोट, बेलपट्टी, भैरंग और बासुकीनाग की पंपिंग पेयजल योजनाएं लंबे समय से अपूर्ण हैं। इसके अलावा अन्य छोटी योजनाओं के भी यही हाल हैं। इसके चलते जनता पेयजल संकट से परेशान है। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। कहा कि इस मामले को वह मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी लाएंगे। संवाद