पानी के बिलों के साथ जलमूल्य को शामिल कर उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिल थमा दिए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं में भारी गुस्सा है। उपभोक्ताओं ने जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया और बढ़ाई गई धनराशि तत्काल वापस लेने की मांग की। कहा कि जल संस्थान ने जल मूल्य का सही ढंग से निर्धारण नहीं किया है।
भाजपा के जिला महामंत्री लोकेश भड़ के नेतृत्व में दर्जनों पेयजल उपभोक्ताओं ने तहसील रोड में एकत्र होकर सरकार और जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी की। लोकेश भड़ ने कहा कि सरकार जल मूल्य के नाम पर लोगों भारी भरकम राशि तो वसूल करती है लेकिन मार्च से जून तक होने वाले गंभीर पेयजल संकट का निदान वह नहीं कर पाती है। जब जल संस्थान लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है तो उसे जल मूल्य वसूलने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदर्शन में शामिल गुरिल्ला संगठन के संरक्षक गंभीर सिह चौहान ने कहा कि हजारों रुपये में जल मूल्य लिया जाना न्यायसंगत नही हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विलाल यूनूस ने कहा कि जल मूल्य का निर्धारण भवन स्वामी के भवन कर के आधार पर किया जाता है। जल संस्थान अपनी ओर से यह निर्धारण नहीं करता। प्रदर्शन करने वालों में गोविंद सिंह देउपा, अंकेश पैनोली, बलवंत मेहरा, बलबीर चौहान, अमरनाथ नेगी, आन सिह चौहान, गोपाल सिह पंवार शामिल थे।