मुनस्यारी में सुबह के समय इसी तरह कई जगह नलों में पानी जमा हुआ दिखता है
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जिले में कड़ाके की ठंड से अभी राहत मिलने वाली नहीं है। मुनस्यारी में रविवार को भी न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे रहा। मुनस्यारी में अधिकतम तापमान 10 डिग्री से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मुनस्यारी में ठंड से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। ग्रामीण अंचलों से लोगों की बाजार की तरफ आवाजाही बहुत कम है। इस समय स्कूल बंद होने के कारण भी सुनसानी छाई है। नलों में पानी भी जम रहा है।
वहीं, जिला मुख्यालय में सुबह के समय पाला गिरने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को यहां का न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री रहा, जबकि अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री रिकार्ड किया गया। दिन के समय तेज हवा चलने से तापमान में गिरावट आ रही है। घाटी वाले इलाकों में ठंड से जनजीवन पर असर पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि कड़ाके की ठंड अभी कुछ दिनों तक रहेगी। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। कम से कम एक हफ्ते तक लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। उसके बाद तापमान में सुधार आने लगेगा। इस समय ऊंचाई वाले सभी स्थानों पर पाला गिर रहा है। पाला गिरने से सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि फसलों को पाले से बचाने के लिए पौधों के ऊपर कपड़ा या कागज रख दिया जाए। इससे सब्जियों को पाले से नुकसान कम होगा। उधर, कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर भारी हिमपात हुआ है। बर्फ के ऊपर पाला गिरने से वह ज्यादा ठोस हो रही है। इस कारण उसके जल्दी पिघलने की संभावना नहीं है।