पेयजल निगम के अधिकारी, कर्मचारी समन्वय समिति की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। पेयजल निगम के राजकीयकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर अधिकारी, कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार के दौरान नारेबाजी की। इन लोगों ने कहा कि पेयजल निगम का राजकीयकरण न होने से निगम के अधिकारी, कर्मचारियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने राजकीयकरण करने का भरोसा कई बार दिलाया है लेकिन उस पर अमल नहीं किया जा रहा है।
प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर चल रहे आंदोलन को मुकाम तक पहुंचा कर ही दम लिया जाएगा। पेयजल निगम के अधिकारी, कर्मचारी अब और उपेक्षा सहन नहीं करेंगे। हड़ताल के दौरान इंजीनियर जीबी पाटनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उमेद सिंह बिष्ट, जीएस गुंज्याल, राकेश गुप्ता, हेमंत भंडारी, अंबर सिंह, एचसी शाही, सुनीता पंत, मदन गिरी, प्रकाश सिंह, मदन सिंह, घनश्याम राम ने विचार रखे।