पिथौरागढ़। जिले में हो रही भारी बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित हो गया है। काली का पानी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। इससे नदी किनारे बसी आबादी में दहशत है। गोरी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने चेतावनी जारी की है।
जिले में के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। धारचूला क्षेत्र में सबसे अधिक 17.8 एमएम बारिश होने से काली नदी का जलस्तर बढ़कर 888.60 मीटर पहुंच गया। नदी का पानी चेतावनी स्तर 889 मीटर के बेहद करीब पहुंच गया है। धारचूला में नदी का पानी अंतरराष्ट्रीय झूलापुल को छूने के करीब है। नदी के प्रचंड वेग को देखते हुए धारचूला, कालिका, जौलजीबी, बलुवाकोट, तीतरी, बगड़ीहाट, ड्योड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में किनारे बसे लोग दहशत में हैं।
धारचूला, जौलजीबी, पीपली, झूलाघाट क्षेत्र में पुलिस ने मुनादी कर लोगों को उफनाई काली नदी के किनारे न जाने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार गोरी का जलस्तर 604.20 मीटर हो गया है। इसका चेतावनी स्तर 606.80 मीटर है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में किनारे बसे लोगों को सतर्कता दिखानी होगी।
मंदाकनी की सुरक्षा दीवार ढहने से 30 परिवार दहशत में
बंगापानी। बीते शनिवार को भौराबगड़ में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से सुरक्षा दीवार ढह गई थी। इसके बाद से नदी किनारे बसे 30 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर और इन परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्राम प्रधान संदीप ने कहा कि रात के समय ग्रामीण ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं और नदी की पहरेदारी करने के लिए मजबूर हैं।