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ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान

Sun, 05 Nov 2017 10:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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धारचूला में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के बाद बाहर निकले भाजपा समर्थित सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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धारचूला में कांग्रेसी ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर रविवार को चर्चा के बाद मतदान हो गया। कांग्रेस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया और उसका कोई भी सदस्य ब्लॉक सभागार में नहीं गया। सिर्फ ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर सदन के अध्यक्ष होने के चलते बैठक में उपस्थित रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच हुए मतदान के बाद भाजपा समर्थित सभी सदस्य उत्साह के साथ सभागार से बाहर निकले। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि परिणाम 22 नवंबर को ही प्रभावी होंगे। क्योंकि उच्च न्यायालय से इसी तरह के निर्देश मिले हैं। भाजपा समर्थित सभी 25 सदस्यों ने मतदान किया।
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चर्चा का विषय बने इस प्रकरण से संबधित कई मामले उच्च न्यायालय तक पहुंच गए थे। 26 सितंबर को भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल के नेतृत्व में 26 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मुख्य विकास अधिकारी को ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। पहले प्रशासन ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए 12 अक्तूबर की तिथि तय की थी, लेकिन उस दिन पीठासीन अधिकारी के बीमार होने के कारण पांच नवंबर की तिथि तय की गई। पीठासीन अधिकारी एसके पांडे ने सुबह 11 बजे से क्षेत्र पंचायत की विशेष बैठक बुलाई। ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर सदन के अध्यक्ष होने के चलते बैठक में मौजूद रहे।

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले भाजपा समर्थित सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख पर आरोप लगाया कि इस तरह की स्थिति और अस्थिरता के लिए ब्लॉक प्रमुख खुद जिम्मेदार हैं। सदस्यों ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। क्षेत्र पंचायत निधि के वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया। मनरेगा मद का पैसा कुछ खास क्षेत्रों को ही देने, क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने जैसे आरोप भी लगे। चर्चा समाप्त होने के बाद अपरान्ह एक बजे से मतदान कराया गया। इसमें भाजपा समर्थित सदस्यों ने ही हिस्सा लिया। 
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भाजपा लोकतंत्र की हत्या करने में तुली : कांग्रेस
कांग्रेस के कई नेता रविवार को यहां पहुंचे थे, लेकिन किसी ने भी ब्लॉक सभागार जाने की जरूरत नहीं समझी। बाद में पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा, विधायक हरीश धामी ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या करने में तुली है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को समाप्त करने का षड्यंत्र रच रही है। इन नेताओं ने कहा कि उनको न्यायालय पर पूरा भरोसा है और भाजपा के इरादे कामयाब नहीं होंगे। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मान सिंह धामी के परिवार के लोगों को आतंकित किया। मतदान में भाग न लेने के बारे में प्रदीप टम्टा और हरीश धामी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव भाजपा लाई है। उसी को मतदान भी करना था। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि रविवार को हुए मतदान के समय एक वोट में गड़बड़ी हुई है। इस मामले को भी अदालत में ले जाएंगे। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, वरिष्ठ नेता कैलाश रावत समेत कांग्रेस समर्थित सभी क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद थे।

ब्लॉक सभागार में आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध
ब्लॉक सभागार जाने में प्रशासन ने रविवार को प्रतिबंध लगा दिया। भाजपा के जो सदस्य मतदान के लिए सभागार में गए, उनकी गहन चेकिंग की गई। ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर की भी चेकिंग की गई। नगर में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद था। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए तैनात रहे। इसके अलावा सीओ विमल आचार्य, सीओ शेखर सुयाल, थानाध्यक्ष ध्यान सिंह सहित पीएसी और पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रखे थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था के लिए एसडीएम आरके पांडे, डीडीहाट के एसडीएम विवेक प्रकाश तैनात रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सारी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। 

प्रमुख का कई सदस्यों ने साथ छोड़ा
वर्ष 2014 के चुनाव में जीत दर्ज करने वाले ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर ने 40 में से 21 सदस्यों का समर्थन प्राप्त कर कुर्सी हासिल की थी। सीमांत की गर्गुवा सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे नेत्र सिंह कुंवर का एक-एक कर कई सदस्यों ने साथ छोड़ दिया। इस बार उनके खिलाफ 26 सदस्य लामबंद हो गए, जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या अब 38 ही है। क्योंकि दो सदस्यों की मौत हो चुकी है।
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