वनरावतों के गांव कूटाचौरानी में अधिकारियों की टीम
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वनरावतों के गांव कूटाचौरानी पहली बार पहुंची विकासखंड के अधिकारियों की टीम ने वनरावतों को मनरेगा के काम से जोड़ने की पहल की है, ताकि इस जनजाति के लोगों को काम के लिए भटकना नहीं पड़े। वनरावत आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी पिछड़े हैं। उनको सरकारी योजनाओं की भी बहुत कम जानकारी है।
खंड विकास अधिकारी डीआर लोहिया के नेतृत्व में पहली बार कूटाचौरानी पहुंची टीम ने देवीसूना से 14 किमी की पैदल दूरी तय की। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि वनरावतों को अधिक से अधिक संख्या में मनरेगा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा वनरावतों के राशन कार्ड बनाना, विधवा पेंशन के कागजात भरना, पेयजल संकट से निदान जैसे काम किए गए। वनरावतों ने बीडीओ के समक्ष कई समस्याएं रखीं। कहा कि कई परिवारों के पास मकान नहीं हैं।
अधिकांश मकान जर्जर हालत में हैं। सरकारी दुकानों से राशन कम मात्रा में मिलता है। बीडीओ ने इस समस्याओं का तत्काल समाधान का आश्वासन दिया। टीम में गंगा सिंह बिष्ट, कविंद्र भंडारी, कविंद्र ह्यांकी, उत्तम बसेड़ा, कृष्ण भंडारी, बीडीसी मेंबर महेश कन्याल आदि शामिल थे।