प्रभारी प्रधानाचार्य के कथित रूप से एक छात्र की पिटाई करने के विरोध में शनिवार को विद्यार्थियों ने प्रार्थना और कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। प्रधानाचार्य के खिलाफ नारेबाजी करते विद्यार्थियों ने मारपीट करने वाले प्रधानाचार्य को तत्काल विद्यालय से स्थानांतरित करने की मांग की। शिक्षा मंत्री ने मामले की जांच की बात कही है।
मुनस्यारी तहसील के जीआईसी भैंसकोट में प्रभारी प्रधानाचार्य घिसियावन प्रसाद पर आरोप है कि बृहस्पतिवार को कक्षा 6 के छात्र त्रिभुवन शाही की डंडे से पिटाई कर दी थी। इससे आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने शनिवार सुबह प्रार्थना सभा और कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। शिक्षकों के मनाने पर एक घंटे बाद कक्षाएं संचालित हुई। उधर, उपजिलाधिकारी केके मिश्रा के निर्देश पर विद्यालय पहुंचे उपनिरीक्षक दीवानी राम ने मामले की जानकारी लेनी चाहिए, लेकिन प्रधानाचार्य स्कूल से गायब मिले। प्रधान जीवन सिंह शाही से प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर लेकर एसआई ने उनसे बात की तो प्रधानाचार्य ने खुद को पिथौरागढ़ बताया। विद्यालय के शिक्षक केदार राम, मनोज कुमार, अनिल कुमार, नवीन शाही ने बताया कि प्रधानाचार्य किसी को चार्ज नहीं दे गए हैं। एसआई दीवानी राम ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 323 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रधानाचार्य के स्कूल आने पर ही बच्चों के समक्ष मामले की जांच होगी।
प्रधान शाही ने खंड शिक्षाधिकारी जीडी जोशी को बहिष्कार की जानकारी दे दी है। प्रधान के साथ ही बांसानी, मल्ला भैंसकोट, चामी भैंसकोट के ग्रामीणों ने आरोपी प्रधानाचार्य को तत्काल स्थानांतरित करने की मांग की है। बता दें कि प्रधानाचार्य घिसियावन प्रसाद पर विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीण पूर्व में विद्यालय के मदों में अनियमितता बरतने का आरोप लगा चुके हैं।