ओकलैंड में बाक्सिंग खेलते पिथौरागढ़ के विमल
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सोरघाटी के पुनेड़ी गांव के विमल पुनेड़ा ने वर्ल्ड बाक्सिंग आर्गनाइजेशन की ओर से न्यूजीलैंड में आयोजित ग्लूजियर प्रमोशन में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर क्यूबा के चैंपियन मगूच को बराबरी पर रोक दिया। खास बात यह रही कि मगूच का वजन विमल से 12 किलो अधिक था।
विमल पांच अगस्त को मुंबई से ओकलैंड के लिए रवाना हुए। 12 अगस्त को उनकी मगूच से भिड़ंत हुई। मगूच क्यूबा के चैंपियन हैं। उनका वजन विमल से 12 किलो अधिक है। बावजूद इसके विमल ने पहले राउंड से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। छठे राउंड में वह मगूच को बराबरी पर रोकने में कामयाब रहे। विमल ने 20 वर्ष की उम्र में बॉक्सिंग खेलना शुरू किया। बाद में वह वर्ल्ड बॉक्सिंग काउंसिल से जुड़े। इंडियन बॉक्सिंग काउंसिल के चेयरमैन ब्रिगेडियर मुरलीधरन और प्रमोटर कैप्टन पार्थो दास ने विमल के जुनून को देखते हुए उन्हें प्रमोट किया। आर्थिक रूप से कमजोर विमल को आगे बढ़ाने में आईबीसी के नार्थ ईस्ट के चीफ और व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर सिंह महर का खासा योगदान रहा।
विमल इससे पहले अमेरिका के लॉस बेगास में जापानी प्रतिद्वंद्वी को भी धूल चटा चुके हैं। महर ने कहा कि ओकलैंड के मार्शल आर्ट खिलाड़ी जॉन मेथन से उनकी बात हुई है, वह जल्द ही आईबीसी से जुड़कर विमल की मदद को तैयार हो गए हैं। विमल ने ओकलैंड से अमर उजाला से वार्ता करते हुए बताया कि शीघ्र ही वह अन्य देशों में भी बॉक्सिंग के रिंग में उतरेंगे।