मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने शनिवार को एक आदेश जारी कर कहा है कि यदि कोई प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी करेगा एवं अभिभावकों को पाठ्य पुस्तकें और स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए एक ही दुकान में जाने को बाध्य करेगा तो उस विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने यह शिकायत की है कि निजी विद्यालय नए शिक्षासत्र शुरू होते समय काफी मनमानी करते हैं। इसके अलावा स्कूल बसों में भी क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाए जाते हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित विद्यालय का प्रबंधक और प्रधानाचार्य जिम्मेदार रहेगा। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि यदि एडमिशन के नाम पर ज्यादा फीस वसूली जाती है तो इसकी लिखित शिकायत करें, शिक्षा विभाग तत्काल संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करेगा। बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों के प्रबंधकों से कहा गया है कि वह तत्काल विद्यालय बंद कर दें।
ऐसे विद्यालयों के प्रबंधकों के खिलाफ शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि पिछले दिनों कुछ संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का उल्लेख किया था। डीएम डा. रंजीत सिन्हा ने तत्काल इस मामले में कदम उठाने के आदेश दिए थे। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि अपने क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों का औचक निरीक्षण करें और अनियमितता की जानकारी दें।