गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। जल जीवन मिशन योजना में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद गणाई गंगोली तहसील के सीमालेटी, काकड़पानी और बासुकीनाग पेयजल सुविधा से वंचित रख दिए गए हैं। इससे लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने इस मामले में अब न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।
वर्ष 2021-22 में बासुकीनाग के नाम से 30 करोड़ की लागत से पेयजल योजना बनाई जा रही है। इसमें क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था। बासुकीनाग धाम, राजस्व गांव सीमालेटी और काकपड़पानी को इस योजना में शामिल करने से छोड़ दिया गया। ग्रामीण एक किमी दूर से पानी ढोने के लिए विवश हैं। इससे पूरे क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। योजना से वंचित रखने पर पूरे क्षेत्र की जनता में नाराजगी है। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र बल्लभ पांडेय का कहना है कि इस मामले को वह लगातार उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री से भी इसकी शिकायत की गई है। उनका कहना है कि यदि वंचित कर दिए गए बासुकीनाग और दो राजस्व गांवों को योजना में शामिल नहीं किया जाता है तो उन्हें न्यायालय की शरण में जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
कोट
वर्तमान में बन रही बासुकीनाग लिफ्ट पेयजल योजना में यह गांव और धार्मिक स्थल शामिल नहीं है। जो धनराशि बचेगी उससे इन क्षेत्रों के लिए पेयजल योजना का निर्माण किया जाएगा। - आशुतोष उपाध्याय, ईई, पेयजल निगम, गंगोलीहाट।