सड़क का निर्माण रोकने के लिए धरना देते खसियाबाड़ा गांव के लोग
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दरांती से खसियाबाड़ा होते हुए बसंतकोट तक बन रही सड़क का निर्माण कार्य बुधवार को खसियाबाड़ा गांव के लोगों ने रोक दिया। गांव के लोग सुबह उस स्थान पर आकर धरने पर बैठ गए, जहां पर लोक निर्माण विभाग ने सड़क काटने के लिए जेसीबी रखी है। कड़ाके की ठंड के बीच लोगों ने तीन घंटे तक धरना दिया और ठंड से बचने के लिए धरनास्थल पर आग जलाई। लोगों का आरोप है कि इस सड़क के निर्माण से खसियाबाड़ा गांव के पैदल रास्ते मलबे से पट गए हैं। पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। सड़क निर्माण के दौरान निकला मलबा मंदिर और खेतों तक पहुंच गया है।
ग्राम प्रधान बसंती देवी के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने कहा कि सड़क निर्माण से गांव को काफी नुकसान होने के बावजूद अब तक मुआवजे की राशि नहीं दी गई है। मुआवजे के मामले में विभाग और ठेकेदार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन लोगों की जमीन और अन्य योजनाओं को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। मलबा खेतों में डालने के बजाय डंपिंग जोन में डाला जाए। बाद में ग्रामीणों ने एसडीएम विवेक प्रकाश को ज्ञापन दिया।
उधर, लोनिवि के अवर अभियंता महेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की जमीन को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अमीन को भेजा गया है। जल्द ही नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। धरने पर सीमा देवी, त्रिलोक सिंह, पुष्पा देवी, राम सिंह भाकुनी, इंद्र सिंह भाकुनी, मंगल सिंह समेत कई लोग बैठे। बताया गया कि इस सड़क का जितना भी हिस्सा तैयार हुआ है, उसमें वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। सड़क को बनाते समय लापरवाही की गई।