बारहमासी सड़क का काम रुकवाने पहुंचे ग्रामीण
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ग्रामीण संघर्ष समिति गुरना ने बृहस्पतिवार को बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य दो घंटे तक रुकवा दिया। लोगों ने कहा कि मलबा निस्तारण के समय मनमानी की जा रही है। मलबे से पेड़-पौधों और जलस्रोतों को नुकसान पहुंच रहा है। कहा गया कि सड़क की कटिंग सिर्फ उतने ही हिस्से में की जाए जितने में सीमांकन किया गया है।
सड़क निर्माण करा रही एनएच का कोई अधिकारी मौके पर नहीं था। बाद में स्थानीय ठेकेदारों और ग्रामीणों में यह सहमति बनी कि भविष्य में सारा काम नियमों के अनुसार होगा। छह जनवरी को राजस्व उपनिरीक्षक प्रकाश कापड़ी के नेतृत्व में एक टीम मौका मुआयना करेगी। इस बात से ग्रामीण सहमत हो गए और दो घंटे बाद सड़क का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया।
जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट के नेतृत्व में कई ग्रामीण सुबह दस बजे सड़क निर्माण स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने सड़क का काम करा रहे स्थानीय ठेकेदारों के सामने आपत्ति जताई। ठेकेदारों ने लोगों को समझाया कि वह खुद भी इसी जिले के निवासी हैं और यह कोशिश कर रहे हैं कि सड़क निर्माण के दौरान कम से कम नुकसान हो। ठेकेदारों ने कहा कि राजस्व विभाग की टीम के आने के बाद इसका स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।
विरोध करने वालों में इग्यारदेवी के प्रधान कैलाश पांडे, पूर्व प्रधान दीवान सिंह मेहता, ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र भट्ट, सेरीकांडा के प्रधान वीरेंद्र कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य ललिता पांडे, बसंत भट्ट, सरपंच कैलाश भट्ट आदि लोग थे। ग्रामीण संघर्ष समिति ने डीएम को भी इस संबंध में पत्र दिया है।