धारचूला (पिथौरागढ़) । दारमा घाटी स्थित प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर के दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों यात्री ग्राम सोन दुग्तु और दांतू आते हैं। सड़क बनने से अब इस दुर्गम क्षेत्र की राह आसान हो गई है। इसके दुष्परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। ट्रेक किनारे उगे पेड़ पौधों को पर्यटक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
ग्राम सोन के बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता राम सिंह सोनाल ने बताया कि ग्राम पंचायत सौन दुग्तू से पंचाचूली जीरो प्वाइंट की दूरी करीब दो किमी है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों भोज पत्र के वृक्ष, देवदार, मोरपंख आदि के पौधों को नुकसान पहुंचाने और काटने की जानकारी मिली है। उन्होंने क्षेत्र में आने वाले यात्रियों और गाइड से अपील करते हुए कहा है कि वह भविष्य में इस तरह का कृत्य नहीं करें। इससे पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचता ही है और प्राकृतिक सौंदर्यता भी नष्ट होती है। उन्होंने कहा है कि यदि आगे से इस तरह की घटना संज्ञान में आती है तो ग्राम पंचायत की ओर से कानूनी कार्रवाई करने के जुर्माना भी वसूला जाएगा।
पांच हजार से अधिक लोग पहुंचे पंचाचूली
धारचूला। पिछले पांच-छह वर्षों से पंचाचूली ग्लेशियर तक सड़क पहुंचने से अब यात्री अपने वाहनों से यहां पहुंच प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठा रहे हैं। सूर्य की किरणें पड़ते ही पंचाचूली की बर्फ से आच्छादित चोटियां स्वर्णिम लालिमा से नहा उठती हैं। इस वर्ष अप्रैल से अब तक पांच हजार से अधिक यात्री पंचाचूली ग्लेशियर के दर्शन कर चुके हैं।