आशा कार्यकत्रियों ने पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल की तरह आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन देने समेत तमाम मांगों को लेकर जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के विभिन्न स्थानों में प्रदर्शन किया और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा कि आशा वर्कर्स को सरकार न्यूनतम मानदेय भी नहीं दे रही है। उन्होंने वर्ष 2011 में आशा वर्कर के लिए घोषित 5000 रुपया सालाना प्रोत्साहन राशि मांगी। एक्टू के जिला प्रभारी कामरेड गोविंद कफलिया ने कहा कि आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए। उन्होंने आशाओं का 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराने, अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती की मांग की। आशा वर्कर उर्मिला सौन, माधवी वल्दिया, सीमा नगरकोटी ने मांग पूरी नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदर्शन में लीला जोशी, रेखा भाट, रेखा वर्मा, हेमा पांडेय, शकुंतला नगरकोटी, विमला खड़ायत, गीता बिष्ट, मंजू देवी, हरिप्रिया खड़ायत, उर्मिला खनका, रेखा उप्रेती आदि थे।
गंगोलीहाट। आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष उमा महरा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में गीता कोठारी, संजू महरा, मुन्नी देवी, भागीरथी बोरा, पुष्पा बोरा, रीता कोठारी, संतोष खाती, बीना महरा, चंपा देवी, कमला देवी, सीमा देवी थे।
बेड़ीनाग। आशा संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष दया कार्की के नेतृत्व में गीता चंद, उमा बाफिला, अनीता, गंगा, राधा लोहनी आदि ने प्रदर्शन किया।
डीडीहाट। आशा संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष पिंकी कलोनी के नेतृत्व में तहसीलदार पीसी पंत को ज्ञापन दिया। सीमा देवी, हंसा देवी, मोहिनी देवी, गीता कन्याल, मंजू कन्याल शामिल थे।