कनालीछीना(पिथौरागढ़)। यूपीसीएल का कनालीछीना सब स्टेशन चिराग तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ कर रहा है। आलम ये है कि स्टेशन के नजदीकी गांव अंधेरे में हैं जबकि स्टेशन से नेपाल को बिजली दी जा रही है। लोगों का कहना है कि यूपीसीएल को अपने देश के लोगों की समस्या नजर नहीं आ रही है। सब स्टेशन में जिम्मेदार अधिकारियों के नहीं रहने से भी लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाता है।
कनालीछीना विद्युत सब स्टेशन में 15 वर्ष पूर्व करीब दो करोड़ रुपये की लागत से आवासीय भवनों का निर्माण किया गया था। तब यहां पर अवर अभियंता की नियुक्ति के आदेश भी जारी हुए थे। लोगों का कहना है कि अवर अभियंता तो यहां तैनात हैं लेकिन यहां नहीं रहते हैं। इससे बिजली की समस्या का समय से निस्तारण नहीं हो पाता है। उनका कहना है कि सब स्टेशन ठेकेदारी प्रथा में चल रहा है। स्टाफ की कमी के कारण लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाता है। सब स्टेशन से लगे कनालीछीना, ख्वांतड़ी, सिरौली, सुरौण, अस्कोड़ा सहित कई गांव अक्सर अंधेरे में डूबे रहते हैं। जबकि इस सब स्टेशन से नेपाल और आईटीबीपी जाजरदेवल को बिजली की आपूर्ति की जाती है।
15 वर्ष पूर्व जो कर्मचारियों के रहने के लिए आवास बनाए गए थे वह भवन भी कर्मचारियों के नहीं रहने से धीरे-धीरे खंडहर होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब इन आवासों में कर्मचारियों को रहना ही नहीं है तो ये आवास क्यों बनाए। लोगों ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताया है।
आंधी- तूफान के कारण दिक्कत हुई होगी। कर्मचारियों को लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए हैं। सब स्टेशन से आईटीबीपी जाजरदेवल और नेपाल को बिजली दी जाती है।
नितिन गर्खाल, ईई यूपीसीएल पिथौरागढ़।