बिण विकासखंड सभागार में पद व गोपनीयता की शपथ लेते प्रधान और पंचायत सदस्य।
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पिथौरागढ़। आखिरकार प्रधानों का इंतजार खत्म हुआ और लंबे समय बाद 377 ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार अस्तित्व में आई है। इन पंचायतों में सदस्यों के चुनाव के बाद कोरम पूरा होने से प्रधानों ने शपथ ली। अब इन प्रधानों को मोहर जारी होगी और गांव की सरकार अस्तित्व में आने से यहां विकास कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी।
बीते दिनों जिले की 680 ग्राम पंचायत में चुनाव हुए। पंचायत सदस्यों के चुनाव के बाद कोरम पूरा होने से सिर्फ 303 ग्राम पंचायतों में ही गांव की सरकार अस्तित्व में आ सकीं। 377 ग्राम पंचायतों में पंचायत सदस्यों का चुनाव न होने से कोरम पूरा नहीं हुआ और प्रधान शपथ लेने से वंचित रहे। बीते दिनों हुए उपचुनाव में पंचायत सदस्यों का निर्वाचन हुआ। कोरम पूरा होने के बाद मंगलवार को छूटे प्रधानों ने शपथ ली और एक ग्राम पंचायत को छोड़कर अन्य सभी में गांव की सरकार का गठन हुआ है। संंबंधित ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों ने अपने विकासखंड मुख्यालय में पद और गोपनीयता की शपथ ली। सभी ने अपने गांव के विकास का संकल्प लिया। पंचायत की सरकार गठन से इनमें विकास कार्य भी होंगे। संवाद
आज होगी पंचायतों की पहली बैठक
377 ग्राम पंचायतों में पंचायत की पहली बैठक आज यानि बुधवार को होगी। प्रधान, वार्ड सदस्य और ग्रामीण मिलकर गांव के विकास की रूपरेखा तय करेंगे। गांव के विकास कार्यों को लेकर चर्चा होगी इन प्रस्तावों पर प्रधान अपनी मोहर लगाएंगे।
खेतार कन्याल में नहीं हुआ गांव की सरकार का गठन
डीडीहाट विकासखंड के खेतार कन्याल में उपचुनाव के बाद भी गांव की सरकार का गठन नहीं हो सका। यहां अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए सीट आरक्षित थी। इस ग्राम पंचायत में निवास करने वाले वनराजियों को ही अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। इस वर्ग की किसी भी महिला का आठवीं पास न मिलने से यहां प्रधान का चुनाव नहीं हो सका। उपचुनाव में भी यही स्थिति रही। अब यहां गांव की सरकार बनाने के लिए आरक्षण में बदलाव ही एकमात्र विकल्प है।
कोट
377 ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा होने से प्रधानों ने शपथ ली। बुधवार को ग्राम पंचायत की पहली बैठक होगी। खेतार कन्याल में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण में बदलाव जरूरी होगा। - हरीश आर्या, जिला पंचायत राज अधिकारी, पिथौरागढ़