पिथौरागढ़। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र बोरा के खिलाफ पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और गालीगलौज करने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के हाथ संबंधित वीडियो क्लिप लगी है जो आरोपों की सच्चाई बयां करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चंडाक चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल राजकुमार ने बीती 26 जुलाई को तहरीर सौंपी थी। इसमें कहा गया कि चौकी प्रभारी ने उन्हें सूचना दी कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र बोरा ने फोन पर उन्हें बताया है कि मोस्टमानू मंदिर के पास जिला पंचायत सदस्य पद का एक प्रत्याशी शराब बांट रहा है। चौकी प्रभारी के निर्देश पर वह मौके पर पहुंचे तो विरेंद्र बोरा और वहां मौजूद अन्य लोग आपस में झगड़ा कर रहे थे।
जब वह इस घटना की वीडियो बना रहे थे तो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बोरा ने उनकी वर्दी फाड़ते हुए गालीगलौज कर मारपीट की। आरोप लगाया कि बोरा ने कोतवाली में आग लगाने की धमकी भी दी और जबरन मोबाइल छीनकर संबंधित घटना का वीडियो डिलीट कर दिया। कांस्टेबल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी विरेंद्र बोरा के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, गालीगलौज करने और मारपीट से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया।
कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि संबंधित घटना की वीडियो क्लिप पुलिस को मिली है। इसमें विरेंद्र बोरा कांस्टेबल के साथ अभद्रता करते नजर आ रहे हैं। संबंधित क्लिप जांच की जा रही है। सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने कहा कि पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद