जिला एवं सत्र न्यायाधीश का फैसला
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने शनिवार को एक दुराचारी युवक को 20 साल के सश्रम कारावास, 40 हजार रुपए जुर्माना, जुर्माना न देने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को धारा 506 में दो वर्ष और धारा 342 में छह माह की सजा भी हुई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में लिप्त एक नाबालिग लड़की और लड़के का केस किशोर न्यायालय में चल रहा है। आरोपी टैक्सी चालक है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मुनस्यारी के एक गांव की एक किशोरी 14 दिसंबर 2015 को गांव में लगे मेले को देखने गई थी। मेले में वह अपने गांव के लोगों से बिछड़ गई। तभी उसे एक नाबालिग लड़की मिली और उसने उसकी मदद का भरोसा दिलाकर अपने घर ले गई। उस घर में पहले से ही आरोपी युवक पुष्कर सिंह धामी एवं एक अन्य नाबालिग लड़का मौजूद था। इन दोनों ने रातभर इस लड़की के साथ बारी-बारी से दुराचार किया। लड़की किसी तरह रात में इनके चंगुल से भागकर अपने घर चली गई। घटना के बाद लड़की की तबियत बिगड़ने लगी।
उसने सारी कहानी अपने परिवार के लोगों को बता दी। इस मामले की रिपोर्ट परिजनों ने नाचनी थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने पुष्कर सिंह धामी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि पूरे प्रकरण में लिप्त दो आरोपी नाबालिग होने के कारण उनके केस को किशोर न्यायालय में सौंप दिया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में आठ गवाह अदालत में पेश किए। शनिवार को इस मामले में सजा सुनाई गई।