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वाईब्रेंट विलेज : उच्च हिमालयी क्षेत्र में बनेंगे ट्रैकिंग मार्ग

Sat, 20 Jan 2024 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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धारचूला के दारमा घाटी​ स्थित दुग्तू में बना केएमवीएन का बेस कैंप। स्रोत: गिरीश चंद्र भट्ट
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पिथौरागढ़। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उच्च हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काफी कवायद की जा रही है। ट्रैकिंग के शौकीन पर्यटकों के लिए क्षेत्र में मार्ग बनाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
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पिछले वर्ष सरकार ने सीमांत क्षेत्र से पलायन रोकने और वहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना की घोषणा की थी। वर्तमान में सीमांत जिले में इस योजना के अंतर्गत 27 गांवों का चयन किया गया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के अवर अभियंता गिरीश चंद्र भट्ट ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से धारचूला के व्यास, दारमा घाटी और मुनस्यारी में सुविधाओं के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि एक करोड़ की लागत से दारमा के बालिंग में एडवेंचर, रेस्क्यू सेंटर, दर में 50 लाख की लागत से ट्रैक बनाने और 50 लाख की लागत से दुग्तू से पंचाचूली बेस कैंप तक ट्रैक रूट के प्रस्ताव भेजे गए हैं।
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व्यास घाटी के ग्राम गुंजी से ज्योलिंगकांग-पार्वतीकुंड-सिलनापास से बेदांग, दुग्तू तक 4.83 करोड़ की लागत से बनने वाले 34 किमी ट्रैक रूट विकास कार्य, 50 लाख की लागत से ग्राम मार्छा से आंछरी ताल तक पांच किमी मार्ग, नपल्च्यू में 70 लाख रुपये की लागत से ट्रैक मार्ग के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इन पर जल्द की कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

नाबी और बिल्जू में बनेंगे सूचना केंद्र
पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अक्तूबर में आदि कैलाश यात्रा के बाद भविष्य में क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में तेजी आने उम्मीद है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में पर्यटकों के लिए सुविधा के लिए व्यास घाटी के नाबी में और मुनस्यारी के ग्राम बिल्जू में 70 लाख रुपये की लागत से पर्यटक सूचना केंद्र बनाने के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। संवाद
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