सुरिंगगाड़ जल विद्युत परियोजना(फाइल)
पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2021 को हल्द्वानी से सुरिंगगाड़ जल विद्युत परियोजना का वर्चुअल लोकार्पण किया था। तीन साल बाद भी परियोजना शुरू नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि जब परियोजना शुरू ही नहीं हुई थी तो लोकार्पण क्यों किया गया।
यूजेवीएन लिमिटेड की बहुप्रतीक्षित इस परियोजना का काम गोगोल हाइड्रो लिमिटेड ने वर्ष 2015 में शुरू किया था। करीब 50 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण कार्य छह साल बाद 2021 में पूरा किया किया। परियोजना में 2.5-2.5 मेगावाट की दो मशीनों से मुनस्यारी विकासखंड के साथ ही आसपास के क्षेत्रों को भी बिजली उपलब्ध कराई जानी है।
इस परियोजना से राज्य को सालाना 26.41 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया था। लोगों को उम्मीद थी कि इस लघु परियोजना से सीमांत क्षेत्र को लाभ होगा। बारिश और हिमपात के दौरान होने वाली कटौती से निजात मिलेगी लेकिन योजना बनने के बाद भी तीन साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री के परियोजना के लोकार्पण के बाद योजना शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन अभी योजना शुरू नहीं हो पाई है, यह सीमांत के लोगों के साथ छलावा है।
लाइन नहीं होने के कारण नहीं हो रही आपूर्ति
पिथौरागढ़। यूजेवीएनएल का कहना है कि बिजली उत्पादन के बाद सप्लाई करने के लिए फिलहाल लाइन नहीं होने के कारण दिक्कत आ रही है। 22 फरवरी को विद्युत नियामक आयोग की बैठक के बाद परियोजना को शुरू करने का निर्णय लेने की उम्मीद है। संवाद
कोट
अभी तक सुरिंगगाड़ जल विद्युत परियोजना शुरू नहीं हो पाई है। योजना बनकर तैयार है, कुछ अड़चने आने के कारण दिक्कत हो रही है। जल्द ही परियोजना को शुरू कर दिया जाएगा। - उमेश जोशी, अधिशासी अभियंता, यूजेवीएनएल, पिथौराढ़।