पिथौरागढ़। सीमांत जिले में फैले लंपी वायरस की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने अभी तक 40200 पशुओं को एलएसडी के टीके लगा दिए हैं। पशुओं में बीमारी का प्रकोप अब कम देखने को मिल रहा है। अभी भी करीब 500 पशु बीमारी से ग्रसित हैं।
अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज जोशी ने बताया कि जिले में कुल 1.60 लाख गाय हैं। 30 टीम पशुओं के टीकाकरण में लगी हैं। सीमांत में बीमारी की गंभीरता को देखते हुए ऊधमसिंह नगर और नैनीताल से 30 पशुधन प्रसार अधिकारियों को यहां भेेजा गया था। इनमें से 28 अधिकारी यहां पहुंचे जबकि दो पारिवारिक कारणों से नहीं आ पाए। डॉ. जोशी ने बताया कि गोवंश में फैली बीमारी अब नियंत्रण में है। बीमारी से ग्रसित कुछ पशुओं के ठीक होने में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि तल्लीसार, खतीगांव और जजुराली में पुष्पा, लवराज, थरकोट में डॉ. दीपा, हेमा जोशी, पाखू में कुंदन गिरी, सिरमाली में कुंदन सिंह, मुनस्यारी के जैंती में दीपक किशोर, बबलू रावत, नागिलागांव में डॉ. राजेश पाठक, जाराजिबली में कमल उप्रेती, खतीगांव, टोटानौला में कविता जेठी, मूनाकोट के आगर और जायल में डॉ. लाल सिंह सामंत, महेंद्र सिंह, किरन, तन्नू, क्वीगांव, मझेड़ा, जमतड़ी में प्रमिला, पूरन चंद्र, देवराम, अमित, राशिद, रितु जोशी ने पशुओं का टीकाकरण कर दवाएं दीं।
1962 वाहन को बलुवाकोट में रखा जाए
पिथौरागढ़। बलुवाकोट के दूरस्थ क्षेत्र पैयापौड़ी, लेककुंती, फुलनिया आदि गांवों के पशुओं में लंपी बीमारी फैली है। पैदल मार्ग होने से पशुओं के टीकाकरण में समय लग रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र बिष्ट ने टीकाकरण का केंद्र और 1962 वाहन को बलुवाकोट में रखने की मांग की है। डिप्टी सीवीओ पंकज जोशी ने बताया कि धारचूला ब्लॉक में पशुओं के टीकाकरण को पर्याप्त टीके भेजे गए हैं। 1962 वाहन भी क्षेत्र में घूम रहा है। संवाद