मीडिया को शनिवार को रजिस्टर्ड डाक से भेजा गया एक पत्र मिला, जिसमें जेल मंत्री को संबोधित करते हुए डीडीहाट बंदीगृह के विचाराधीन कैदी ने पिथौरागढ़ बंदीगृह में पिछले एक साल से चार मोबाइल फोन चलने का आरोप लगाया है।
कहा कि डेढ़ माह पूर्व जब इन नंबरों का पता थाना पुलिस को लगा तो सभी नंबर बंद कर दिए गए थे, इस समय बंदीगृह के एक कर्मचारी ने नए सिम दिए हैं। मालूम हो कि प्रदेश में कारागार मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। कैदी के अनुसार, बंदीगृह में बंदियों को डराया-धमकाया जाता है।
उसने पिछले दिनों बंदीगृह में विचाराधीन एक कैदी की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को भी सही ठहराते हुए उसका मेडिकल कराने की मांग की है। इधर विचाराधीन बंदी के नाम से इस तरह के आरोप लगाने वाला पत्र जारी होने से हड़कंप मचा हुआ है।
पत्र के माध्यम से जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जाएगी। साथ ही पत्र की सत्यता और बंदीगृह से पत्र कैसे बाहर आया इसकी भी जांच होगी।
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रामचंद्र राजगुरु, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़