धारचूला के चौदास घाटी के ग्राम सोसा के संदीप सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज परीक्षा 2023 में 906 स्थान प्राप्त किया है। संदीप सिंह के पिता अरविंद सिंह कुंवर कॉविड से पूर्व भारत तिब्बत व्यापारी थे। व्यापार बंद होने के बाद पिछले चार पांच सालों से राशन की दुकान चलाते है। माता सुनीता देवी गृहणी है। संदीप पांच भाई बहनों में सबसे छोटे है।
संदीप के ताऊ भरत सिंह और ताई धर्मू देवी ने बताया की संदीप बचपन से ही पढ़ाई मे मेधावी रहे। संदीप सिंह ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई ज्ञानदीप बाल विद्या मंदिर , कुमोड़ पिथौरागढ़ से और इंटर एसजीआरआर पटेल नगर, देहरादून से की है। संदीप ने अपने प्रथम प्रयास में ही आईआईटी जेईई की परीक्षा पास कर आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की हैं। वह वर्ष 2016 में अमेरिका के हस्टैनविला में नासा द्वारा आयोजित "ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज" मे प्रतिभाग कर "Pit crew" अवार्ड जीतने वाली आईआईटी रुड़की की टीम का हिस्सा भी रहे हैं। आईआईटी में ही संदीप को MNC में अच्छे पैकेज में कैंपस प्लेसमेंट मिल गई थीं। लेकिन संदीप सिंह ने सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन की तैयारी करने का निर्णय लिया। वह वर्ष 2018 से दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन की तैयारी कर रहे है। उन्हें अपने छठे प्रयास में सफलता अर्जित हुई हैं। यह उनका दूसरा इंटरव्यू था।
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संदीप ने मुख्य परीक्षा के लिए गणित को अपना वैकल्पिक विषय चुना था। संदीप ने अपनी सफलता का श्रेय अपने ताऊ भरत सिंह, ताई धर्मु देवी और अपने माता -पिता और गुरुजनों को दिया। संदीप सिंह ने बताया आईएएस बनना उनका मुख्य उद्देश्य है। वहीं, संदीप रं समाज के प्रथम आईएएस पूर्व मुख्य सचिव उत्तराखंड नृप सिंह नपलच्याल को आदर्श मानते है।