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बड़ाबे गांव में बेरोजगार युवा पढ़ाई के साथ कर रहे हर्बल टी का उत्पादन

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धनजय जोशी। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से लगे बड़ाबे गांव के युवाओं ने अनोखा स्टार्ट अप शुरू किया है। युवाओं ने आपस में मिलकर सोरघाटी हर्बल टी (औषधीय चाय) को बाजार में उतारा है। ये युवा जंगल से दिन भर तुलसी, दालचीनी को इकट्ठा कर इसकी हर्बल चाय तैयार करते हैं। रात में इसकी पैकेजिंग के साथ ही देर रात तक पढ़ाई करते हैं। समय निकाल कर गांव के बच्चों को पढ़ाने के साथ ही गांव में सफाई और अन्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं।
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बड़ाबे के युवा धनंजय जोशी की पहल पर गांव के युवाओं ने तुलसी, वन तुलसी, दालचीनी और सोंठ की हर्बल चाय बनाने का कार्य शुरू किया है। युवाओं की ओर से बनाई जा रही सोरघाटी हर्बल चाय की बाजार में काफी मांग है। धनंजय जोशी ने बताया कि उन्होंने योग से एमए और नेट क्वालिफाई किया है। उन्हें तुलसी, दालचीनी और सोंठ की चाय बनाने का तरीका पहले से पता था। कोविड का कहर बरपा तो इस दौरान उन्होंने छोटी सी शुरुआत की। किसी को सर्दी जुकाम होने पर वे इन सब चीजों से चाय बनाकर देते थे। इससे लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। ऐसे लोगों ने ही इस चाय का बड़े स्तर पर उत्पादन करने की सलाह दी।
उन्होंने गांव के मनीष जोशी, संजय जोशी, यतिन जोशी, मयंक जोशी, नीरज मेहता और दीपक जोशी को अपने साथ जोड़कर चाय का उत्पादन करने का निर्णय लिया। तब से ये युवा गांव में तुलसी का उत्पादन करने के साथ ही वन तुलसी और तेजपत्ता जंगलों से लाकर इसकी चाय बना रहे हैं। चाय उत्पादन के साथ-साथ ये सभी युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं। वह समय निकालकर समूह में अध्ययन करते हैं और नोट्स बनाते हैं। धनंजय जोशी ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने सरस बाजार में चाय को रखा। बाद में इसे खुले बाजार में भी उतार दिया। वे लोगों को 110 रुपये प्रति किलो की दर से चाय उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चाय के उत्पादन से किताबों और मोबाइल का खर्चा निकल रहा है। ज्यादा लाभ होने पर उसे आपस में बांटकर अपने अन्य खर्चे चलाते हैं। (संवाद)
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गांव में चला रहे हैं स्वच्छता अभियान
पिथौरागढ़। गांव में ये युवा स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। गांव के छोटे बच्चों को पढ़ाने का काम भी कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि आगे बढ़ने के लिए सभी को शिक्षित और जागरूक करना आवश्यक है। उनका मुख्य उद्देश्य स्वरोजगार के साथ-साथ सभी को आगे बढ़ाना है। ग्रामीण जनार्दन जोशी ने युवाओं की पहल को सराहनीय बताया है। (संवाद)

बड़ाबे गांव के युवा पढ़ाई के साथ-साथ हर्बल-टी का उत्पादन भी कर रहे हैं।- फोटो : PITHORAGARH

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